आकाशवाणी अपने संगीत के कलाकारों के लिए और संगीत कार्यक्रमों के लिये सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है , यदि यह कहा जाय कि भारतीय संगीत की पारम्परिक विरासत को कलाकारों के साथ -साथ किसी ने सुरक्षित रखने का प्रयास किया ,तो वह श्रेय आकाशवाणी को ही जाता है । भारतीय तबला वादन का फ़र्रुख़ाबाद घराना जो बाद में मुरादाबाद घराना या रामपुर घराना कहलाया इसका श्रेय प्रख्यात सारंगी वादक उस्ताद हुसैन बख्श
के पुत्र अहमद जान को जाता है,जिनका जन्म सन 1891 में मुरादाबाद में हुआ था । इनकी आरम्भिक शिक्षा घर पर ही उस्ताद मिटठु खां साहब ने दी । उन्होंने इन्हें गायन सिखलाया । इसके बाद ये अपने चाचा शेर खां के तबले पर रियाज़ करने लगे इनके मामा फ़ैयाज़ खां अच्छे तबला वादक थे,मामा ने तो तबले के बोल भी सिखा दिए ,अहमद जान को बोल जल्दी याद हो जाते थे ।
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